
क्या गाय को ‘राष्ट्र माता’ घोषित किया जाना चाहिए? आस्था, संविधान और व्यवहारिकता के बीच एक गंभीर विमर्श
प्रस्तुति: दुर्गा प्रसाद शुक्ला भारत में गाय केवल एक पशु नहीं है। वह कृषि, ग्रामीण अर्थव्यवस्था, धार्मिक आस्था, सांस्कृतिक परंपरा और सामाजिक जीवन का एक महत्वपूर्ण हिस्सा रही है। यही कारण है कि समय-समय पर गाय को लेकर अनेक प्रकार की मांगें उठती रही हैं। हाल ही में हरियाणा के झज्जर जिले के छारा गांव स्थित बाबा जत्ती वाले आश्रम









































